भारत की सामाजिक समस्याएं बाल मजदुरी

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Posted on 1.may.2017

[30/04 9:55 pm] Monakhaan: भारत एक प्राचीन देश है, कुछ अनुमानों के अनुसार भारतीय सभ्यता लगभग 5 हजार वर्ष पुरानी है, इसलिये इसका समाज भी बहुत पुराना और जटिल प्रकृति का है। अपनी लम्बी ऐतिहासिक अवधि के दौरान, भारत बहुत से उतार-चढ़ावों और अप्रवासियों के आगमन का गवाह हैं

भारत की सामाजिक समस्याएं

मजदूरी के दलदल में फंसा बचपन

बाल मजदुरी )) बचपन, इंसान की जिंदगी का सबसे हसीन पल, न किसी बात की चिंता और न ही कोई जिम्मेदारी। बस हर समय अपनी मस्तियों में खोए रहना, खेलना-कूदना और पढ़ना। लेकिन सभी का बचपन ऐसा हो यह जरूरी नहीं। कुछ गरीब बच्चों का बचपन बाल मजदुरी की मजबूरीयों में गुजर जाता है….. वो सोचते ही रहे जाते है के कभी तो कोई हमारी इन मजबूरीयों को इन लाचारीयों को खत्म करेंगा

मजबूरीयां
पैसा कमाना इन बच्चों क शौक नहीं, बाल्कि मजबूरी है। शिक्षा के अभाव में अपने अधिकारों से अनभिग्य ये बच्चें बंधुआ मजदूर की तरह अपने जीवन को काम में खपा देते हैं और इस तरह देश के नौनिहाल शिक्षा, अधिकार, जागरुकता, व सुविधाओं के अभाव में अशिक्षा और अनभिग्यता के नाम पर अपने सपनों की बलि चढ़ा देता है । यदि हमें चाचा नेहरु के सपने को सच करना है तो सबसे पहले गरीबी और अशिक्षा के गर्त में फ़ंसे बच्चों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाना होगा तथा उनके अंधियारे जीवन में शिक्षा का प्रकाश फ़ैलाना होगा।

बाल मजदूरी की समस्या से आप अच्छी तरह वाकिफ होंगे। कोई भी ऐसा बच्चा जिसकी उम्र 14 वर्ष से कम हो और वह जीविका के लिए काम करे बाल मजदूर कहलाता है। गरीबी, लाचारी और माता-पिता की प्रताड़ना के चलते ये बच्चे बाल मजदूरी के इस दलदल में धंसते चले जाते हैं।

बस उमीद है तो भारत की सरकार से जो इन बाल मजदुरी की मजबूरीयों को खत्म कर दें और गरीबों की जिंदगी जिना आसान कर देंं

#मोना….✍

जय हिंद

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About mona khaan

Hi I am Mona Khan. Am a blogger and I write about life,love poetry true story Urdu poems and friendship and also wrote about importance of a girl child in humans life.It was liked by many people.Am looking forward to write more inspirational blogs by which I can give a better shape to the thoughts of our society...